हिंदी सौरभ ।

शादी |
पति-पत्नी के बीच का सम्बन्ध घनिष्ट मित्रोंके
सम्बन्ध के समान होना चाहिए।
–भीमराव अम्बेडकर ।
एक शादी की सालगिरह प्यार, विश्वास, साझेदारी,
सहिष्णुता और दृढ़ता का उत्सव है।
सप्तपदि मंत्र ।
ॐ एष एकपदी भव इति प्रथमम ।
(Let us start our first step together.)
ॐ ऊर्जे द्विपदी भव ।
(Let us live together an active and energetic life.)
ॐ राय्स्पोशाय त्रिपदी भव ।
(Let us live a majestic life.)
ॐ मयो भव्यास चतुष्पदी भव ।
(Let us live happily together.)
ॐ प्रजाभ्यः पंचपदी भव ।
(Let us have worthy children.)
ॐ षड रुतुभ्यो षट्पदी भव ।
(Let us think and act together in all seasons
and all stresses)
ॐ सखे सप्तपदी भव |
(Let us live like ideal friends who think and
act alike.)
प्रशंसा ।
उष्ट्राणांच (=ऊँट ) विवाहेतु गार्धभाः स्तुति पाठकाः ।
(ऊँट की शादी में गधा का गायन है )
परस्पर प्रशम्सन्ति ”अहो रूप महो ध्वनि ”।
(गधा ऊँट की प्रशंसा करता है -”तुम बहुत सुन्दर लगते हो ”।
इस प्रशंसा के प्रति ऊँट जवाब देता है-”तुम्हारी ध्वनी कितनी सुहानी है ”)
भक्ति सौरभ
1. ना हम वसामि वैकुंठे ।योगिनां ह्रदये न च ।
(Neither do I reside in Vaikuntha, nor
do I dwell in the hearts of the yogis;)
मद्भक्त यत्र गायन्ति तत्र तिष्टा मि नारद ।
(I stay where my devotees are singing, O, Narad.)
Narad is an omnipotent wandering and singing
devotee of Vishnu)
-भगवान श्री कृष्ण |
2.ॐ भूर्भवः स्वः तत्सवि तुर्वारेण्यम ।
(OM.I adore the Divine Self who illuminates the three
worlds-physical,astral and causal; I offer my prayers
to that God who shines like the Sun.)
भर्गो देवस्य धीमहि धियोयोनः प्रचोदयात ।
(May He enlighten our intellect)
-राजर्षि विश्वामित्र ।
मूल:संग्रह ।

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