हिंदी सौरभ |

१)पुस्तकों का मूल्य रत्नों से भी अधिक है ,
क्यों कि रत्न बाहरी चमक  दमक दिखाते हैं.
जब कि पुस्तकें अन्तःकरण  को उज्ज्वल
करती हैं | —गांधीजी.
२)कोशिश करने पर भागवान भी मिल जाते हैं |
३)आँखों में वैभव के सपने | पग में तूफ़ान की
गति हो |
४)शकल के बन्दर | नाम के सुन्दर |
५)यह रंग न होता, तो कितनी वीरान होती
यह दुनियाँ |
क्या आप जानते हैं ?
”हिमालय” का प्रथम अक्षर  और ”सिन्धु ”
का अंतिम अक्षर को संयुक्त करने से बनता है जो
स्थान,  वह है हमारा देश ”हिन्दुस्थान.”
चिंतन |
१)सामाजिक, पारिवारिक और कामकाजी जीवन में
न दूसरों पर शक करना चाहिए और न हीं दूसरों
को ऐसे अवसर देना चाहिए कि वे हम पर शक
कर सके |
२)जीवन एक बोझ है, उसे उठाना है |
जीवन एक कर्तव्य है, उसे निभाना है |
जीवन एक खज़ाना है, उसे बाँटना  है |
३) सुख बेवफ़ा है, दुःख हमारा साथी है |
४)हकीकत की दुनियाँ से खयालों की दुनियाँ
खूबसूरत है |
५)शान्ति एक प्रस्ताव नही है | वह एक
आवश्यकता है –श्री कृष्ण |

६)जख्मी औरत बहुत बुरी हो सकती है |

प्रार्थना
हे भागवान, मुझे अपना बना लो |
यह न देखो, मैं क्या लायी हूँ |
मेरा देखो  मैं  कैसी हूँ
कहावतें
१)लंका में डंका बाजा |
२)चूहा चले हाथी के चाल |
मूल :संग्रह.
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